खुद का हमसफ़र

हर शख़्स से किनारा कर लिया मैंने,
अपने जीने का सहारा ढूँढ लिया मैंने।
खुश हूँ मैं बहुत अब अपने साथ,
खुद को अपना हमसफ़र चुन लिया मैंने।

दुनिया से उलझने की मुझमें समझ नहीं,
दुनिया को समझना छोड़ दिया मैंने।
किसको समझाना, किसे बताना कौन हूँ मैं,
हर किसी को अपनी कहानी सुनाना छोड़ दिया मैंने।

जिसने थोड़ा प्यार दिखाया, उस पर मैंने जहाँ लुटाया,
परायों पर अपना वक़्त लुटाना छोड़ दिया मैंने।

अब जो साथ चले दिल से चले,
ना चले तो मुझसे थोड़ी दूरी से चले,
दूरी से गुज़ारा भी सीख लिया मैंने।

चलना न जिसे गवारा था, दिल से हमारा,
कहीं और जाकर ढूँढो अब तुम अपना सहारा,
क्योंकि तुम्हारे सहारे के बिना जीना सीख लिया मैंने।

Divorce & New Beginnings

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