इतना सा तुम करके रखना

काम तुम सारे करना,
घर को तुम सजाके रखना,
कोई मेहमान अगर आए तो,
अपनापन सा बनाके रखना।

बच्चों को तुम संभालना,
बड़ों का भी ख्याल तुम रखना,
यही तो चाहते हैं हम बस,
इतना सा तुम करके रखना।

जहाँ तुम कुछ चाहोगी,
वहीं पराई कहलाओगी,
घर अपना मानके बसाना,
पर पराई कहलाने पर भी मान जाना।

नहीं हक नाराज़ होने का,
बेटी नहीं तो मनाएंगे,
अगर नाराज़ हो गई तो,
हम भी तुमसे रूठ जाएंगे।

Marriage, Family & Boundaries

Replies (2)

sahi kaha dear. bahu se sabko sari ummidein hoti hain par uski kya ummid hai ye kisi ke mann mei nahi aata..

Replying to @NishaM

bahu ho yeh tp seh na padega